आज के डिजिटल दौर में साइबर अपराधी ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। इन्हीं में से एक बेहद खतरनाक तरीका है ‘सिम कार्ड स्वैपिंग’ (SIM Card Swapping)। आइए जानते हैं कि यह क्या है, कैसे होता है और आप इससे कैसे बच सकते हैं।
सिम कार्ड स्वैपिंग क्या है?
यह एक प्रकार की पहचान की चोरी (Identity Theft) है । इसमें साइबर अपराधी टेलीकॉम सेवा प्रदाता के माध्यम से आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के लिए जारी पुराने सिम कार्ड की जगह नया सिम कार्ड प्राप्त कर लेते हैं ।
यह धोखाधड़ी कैसे काम करती है?
साइबर अपराधी बड़ी चालाकी से इस प्रक्रिया को अंजाम देते हैं:
- सिम की व्यवस्था: अपराधी सबसे पहले किसी खुदरा विक्रेता (जो कई बार उनके गिरोह का ही सदस्य होता है) से एक खाली सिम कार्ड प्राप्त करते हैं ।
- फर्जी कॉल: इसके बाद, वे ‘कस्टमर केयर अधिकारी’ बनकर आपको कॉल करते हैं । वे आपको झांसा देते हैं कि यदि आपने अपना सिम 4G में अपडेट नहीं किया, तो आपका सिम बंद हो जाएगा ।
- जाल में फंसाना: सिम बदलने के लिए वे आपको एक सिम नंबर देते हैं और उसे कस्टमर केयर को फॉरवर्ड करने के लिए कहते हैं ।
- सिम का बंद होना: पीड़ित इसे सच मानकर वह नंबर फॉरवर्ड कर देता है । इसके बाद मोबाइल कंपनी आपके पुराने सिम को बंद कर देती है और अपराधी के पास मौजूद नए सिम को सक्रिय कर देती है ।
इसका परिणाम क्या होता है?
जैसे ही अपराधी के पास आपका नंबर सक्रिय होता है, वह आपके मोबाइल नंबर से जुड़े सभी बैंक खातों तक अपनी पहुंच बना लेता है ।
- उन्हें आपके बैंक खाते से वित्तीय लेनदेन के लिए जरूरी ओ.टी.पी. (OTP) और अन्य गोपनीय जानकारी मिल जाती है ।
- अंततः, वे अवैध रूप से आपके खाते से पैसों की निकासी कर लेते हैं ।
✅ बचाव के सुझाव (Safety Tips)
इस धोखाधड़ी से बचने के लिए इन सुरक्षा उपायों का पालन करें:
- जानकारी साझा न करें: फोन कॉल पर कभी भी अपने खाते और सिम से सम्बंधित कोई भी जानकारी साझा न करें ।
- सिम नंबर गोपनीय रखें: सिम कार्ड के पीछे लिखा हुआ नंबर बहुत महत्वपूर्ण और गोपनीय होता है, इसे किसी को न बताएं ।
- नेटवर्क पर नजर रखें: यदि आपका मोबाइल नंबर कुछ घंटों के लिए निष्क्रिय हो जाए या नेटवर्क क्षेत्र से बाहर हो जाए, तो तुरंत अपने मोबाइल ऑपरेटर से पूछताछ करें ।
- ई-मेल अलर्ट चालू रखें: अपने बैंकिंग लेनदेन के लिए एस.एम.एस. (SMS) के साथ-साथ ई-मेल अलर्ट के लिए भी रजिस्टर करें ।
- फायदा: यदि आपका सिम स्वैप हो भी जाता है, तो बैंक से पैसे निकलने पर आपको ई-मेल के जरिए तुरंत जानकारी मिल जाएगी और आप इसे रोक सकेंगे ।
यह एक प्रकार की धोखाधड़ी है जिसमें एक अपराधी धोखे से आपके मोबाइल सेवा प्रदाता (जैसे Airtel, Jio, Vi) को यह विश्वास दिलाता है कि आप अपना सिम कार्ड बदलना चाहते हैं। वे आपके मोबाइल नंबर को उनके पास मौजूद एक नए सिम कार्ड पर ट्रांसफर करवा लेते हैं।
अपराधी का मुख्य लक्ष्य आपके फोन नंबर पर आने वाले वन-टाइम पासवर्ड (OTP) और सत्यापन कोड (verification codes) तक पहुंच प्राप्त करना है। इसके जरिए वे आपके बैंक खातों, ईमेल, सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन वॉलेट को हैक करके पैसे चुरा सकते हैं।
इसका सबसे बड़ा और पहला संकेत यह है कि आपके फोन से मोबाइल नेटवर्क अचानक पूरी तरह गायब हो जाएगा (स्क्रीन पर ‘No Service’ या ‘Emergency Calls Only’ दिखाई देगा)। आपको कॉल या एसएमएस आने बंद हो जाएंगे, भले ही आप अच्छे कवरेज क्षेत्र में हों।
घबराएं नहीं, लेकिन तुरंत कार्रवाई करें। किसी दूसरे व्यक्ति के फोन या लैंडलाइन का उपयोग करके तुरंत अपने मोबाइल ऑपरेटर के कस्टमर केयर को कॉल करें। उन्हें बताएं कि आपका सिम अचानक बंद हो गया है और आपको संदेह है कि यह सिम स्वैपिंग हो सकती है। उनसे तुरंत सिम को ब्लॉक करने या आउटगोइंग/इनकमिंग सेवाओं को रोकने के लिए कहें।




